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mahabharat 5.170.14: वे दोनों राजा, महान धनुर्धर और संसार के सुविख्यात योद्धा, अपने धर्म और सम्मान की रक्षा करेंगे और अपने शरीर की परवाह न करते हुए युद्धभूमि में महान पराक्रम का प्रदर्शन करेंगे ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 5.170: पाण्डवपक्षके रथियों और महारथियोंका वर्णन तथा विराट और द्रुपदकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.170.14 
लोकवीरौ महेष्वासौ त्यक्तात्मानौ च भारत।
प्रत्ययं परिरक्षन्तौ महत् कर्म करिष्यत:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों राजा, महान धनुर्धर और संसार के सुविख्यात योद्धा, अपने धर्म और सम्मान की रक्षा करेंगे और अपने शरीर की परवाह न करते हुए युद्धभूमि में महान पराक्रम का प्रदर्शन करेंगे ॥14॥
 
India Those two kings, great archers and well-known warriors of the world, will protect their faith and honour, and without caring for their bodies, will display great bravery on the battlefield. 14॥
 
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि रथातिरथसंख्यानपर्वणि सप्तत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १७०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत रथातिरथसंख्यानपर्वमें एक सौ सत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १७०॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)