Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.17.18: हे शत्रु-विनाशक, हे शक्र! इस प्रकार दुष्ट नहुष को देवताओं के राज्य से निकाल दिया गया। ब्राह्मणों का कंटक मारा गया। सौभाग्य की बात है कि अब हमारी जनसंख्या बढ़ रही है।   |   mahabharat अध्याय 5.17: अगस्त्यजीका इन्द्रसे नहुषके पतनका वृत्तान्त बताना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 17: अगस्त्यजीका इन्द्रसे नहुषके पतनका वृत्तान्त बताना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  5.17.18 
एवं भ्रष्टो दुरात्मा स देवराज्यादरिंदम।
दिष्टॺा वर्धामहे शक्र हतो ब्राह्मणकण्टक:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
हे शत्रु-विनाशक, हे शक्र! इस प्रकार दुष्ट नहुष को देवताओं के राज्य से निकाल दिया गया। ब्राह्मणों का कंटक मारा गया। सौभाग्य की बात है कि अब हमारी जनसंख्या बढ़ रही है।
 
O enemy-destroyer, O Shakra! Thus the evil-spirited Nahush was ousted from the kingdom of the gods. The thorn of the Brahmins was killed. It is fortunate that now our population is increasing.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)