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mahabharat 5.169.16-17h: लाल नेत्रों से निद्रा को जीतने वाले अर्जुन के मित्र और सहायक नारायणस्वरूप भगवान श्रीकृष्ण हैं। कौरव और पाण्डव दोनों सेनाओं में अर्जुन के समान कोई दूसरा वीर सारथी नहीं है। 16 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 5.169: पाण्डवपक्षके रथी आदिका एवं उनकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 169: पाण्डवपक्षके रथी आदिका एवं उनकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  5.169.16-17h 
लोहिताक्षो गुडाकेशो नारायणसहायवान्॥ १६॥
उभयो: सेनयोर्वीरो रथो नास्तीति तादृश:।
 
 
अनुवाद
लाल नेत्रों से निद्रा को जीतने वाले अर्जुन के मित्र और सहायक नारायणस्वरूप भगवान श्रीकृष्ण हैं। कौरव और पाण्डव दोनों सेनाओं में अर्जुन के समान कोई दूसरा वीर सारथी नहीं है। 16 1/2॥
 
The friend and helper of Arjuna, who conquers sleep with red eyes, is Lord Krishna in the form of Narayana. There is no other brave charioteer like Arjun in both the armies of Kaurava and Pandava. 16 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)