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mahabharat 5.169.14-15h: उनमें से प्रत्येक में इतनी शक्ति है कि वे युद्ध में सभी राजाओं को मार सकते हैं। हे राजन! राजसूय यज्ञ में जो कुछ हुआ, वह आपने अपनी आँखों से देखा।   |   mahabharat अध्याय 5.169: पाण्डवपक्षके रथी आदिका एवं उनकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 169: पाण्डवपक्षके रथी आदिका एवं उनकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 14-15h
 
 
श्लोक  5.169.14-15h 
एकैकशस्ते सम्मर्दे हन्यु: सर्वान् महीक्षित:॥ १४॥
प्रत्यक्षं तव राजेन्द्र राजसूये यथाभवत्।
 
 
अनुवाद
उनमें से प्रत्येक में इतनी शक्ति है कि वे युद्ध में सभी राजाओं को मार सकते हैं। हे राजन! राजसूय यज्ञ में जो कुछ हुआ, वह आपने अपनी आँखों से देखा।
 
Each one of them has so much power that they can kill all the kings in battle. O King! Whatever happened in the Rajasuya Yagna, you saw it with your own eyes. 14 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)