Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.168.42: कुरु नन्दन! मैं शत्रुओं का पराक्रम सुनना चाहता हूँ। यह रात्रि बीतते ही कल प्रातःकाल यह युद्ध आरम्भ हो जाएगा।॥42॥ | mahabharat अध्याय 5.168: कौरवपक्षके रथियों और अतिरथियोंका वर्णन, कर्ण और भीष्मका रोषपूर्वक संवाद तथा दुर्योधनद्वारा उसका निवारण । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुरु नन्दन! मैं शत्रुओं का पराक्रम सुनना चाहता हूँ। यह रात्रि बीतते ही कल प्रातःकाल यह युद्ध आरम्भ हो जाएगा।॥42॥
Kuru Nandan! I wish to hear the strength of the enemies. As soon as this night passes, this war will commence tomorrow morning.'॥ 42॥
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि रथातिरथसंख्यानपर्वणि भीष्मकर्णसंवादे अष्टषष्टॺधिकशततमोऽध्याय:॥ १६८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत रथातिरथसंख्यानपर्वमें भीष्म-कर्णसंवादविषयक एक सौ अड़सठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १६८॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥