Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.168.35: काशी नरेश के स्वयंवर में संसार के सभी क्षत्रिय राजा एकत्र हुए थे, किन्तु मैंने केवल एक रथ पर सवार होकर उन सभी को परास्त कर दिया तथा काशी नरेश की पुत्रियों का बलपूर्वक अपहरण कर लिया। | mahabharat अध्याय 5.168: कौरवपक्षके रथियों और अतिरथियोंका वर्णन, कर्ण और भीष्मका रोषपूर्वक संवाद तथा दुर्योधनद्वारा उसका निवारण । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
काशी नरेश के स्वयंवर में संसार के सभी क्षत्रिय राजा एकत्र हुए थे, किन्तु मैंने केवल एक रथ पर सवार होकर उन सभी को परास्त कर दिया तथा काशी नरेश की पुत्रियों का बलपूर्वक अपहरण कर लिया।
All the Kshatriya kings of the world had gathered at the Swayamvara of the King of Kashi, but I, riding on only one chariot, defeated them all and abducted the daughters of the King of Kashi by force.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥