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क्व च युद्धं विमर्दो वा मन्त्रे सुव्याहृतानि च।
क्व च भीष्मो गतवया मन्दात्मा कालचोदित:॥ २४॥
अनुवाद
कहाँ युद्ध, हिंसा और गुप्त मंत्रणाओं में अच्छी बातें कहने का काम और कहाँ काल के द्वारा प्रेरित मंदबुद्धि भीष्म, जिनका जीवन समाप्त हो गया है॥ 24॥
Where is war, violence and the work of telling good things in secret consultations and where is Bhishma, the dull-witted person induced by time, whose life has come to an end.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥