Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.168.17: क्षत्रिय वर्ण में जो अधिक बलवान है, वही श्रेष्ठ माना गया है। वेद-मंत्रों के ज्ञान के कारण ब्राह्मण, अधिक धन के कारण वैश्य और अधिक आयु के कारण शूद्र श्रेष्ठ माने गए हैं। 17॥ | mahabharat अध्याय 5.168: कौरवपक्षके रथियों और अतिरथियोंका वर्णन, कर्ण और भीष्मका रोषपूर्वक संवाद तथा दुर्योधनद्वारा उसका निवारण । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्षत्रिय वर्ण में जो अधिक बलवान है, वही श्रेष्ठ माना गया है। वेद-मंत्रों के ज्ञान के कारण ब्राह्मण, अधिक धन के कारण वैश्य और अधिक आयु के कारण शूद्र श्रेष्ठ माने गए हैं। 17॥
The one who is more powerful among the Kshatriya caste is considered the best. Brahmins are considered superior because of the knowledge of Veda mantras, Vaishya because of more wealth and Shudra because of greater age. 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥