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दोषस्त्वस्य महानेको येनैव भरतर्षभ।
न मे रथो नातिरथो मत: पार्थिवसत्तम॥ ७॥
अनुवाद
परन्तु हे भरतश्रेष्ठ! हे राजन! उसमें एक ही बड़ा दोष है, जिसके कारण मैं उसे न तो महान योद्धा मानता हूँ और न ही सारथि।
But, O best of the Bharatas! O king! There is only one big flaw in him, because of which I consider him neither a great warrior nor a charioteer at all.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥