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mahabharat 5.167.29: युद्धभूमि में पहुँचकर वे किसी भी प्रकार पीछे नहीं हट सकते। हे राजन! वे युद्धभूमि में शत्रुओं का वायु वेग से संहार करेंगे।   |   mahabharat अध्याय 5.167: कौरवपक्षके रथी, महारथी और अतिरथियोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 167: कौरवपक्षके रथी, महारथी और अतिरथियोंका वर्णन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  5.167.29 
न ह्येष समरं प्राप्य निवर्तेत कथञ्चन।
यथा सततगो राजन् स हि हन्यात् परान् रणे॥ २९॥
 
 
अनुवाद
युद्धभूमि में पहुँचकर वे किसी भी प्रकार पीछे नहीं हट सकते। हे राजन! वे युद्धभूमि में शत्रुओं का वायु वेग से संहार करेंगे।
 
After reaching the battlefield, they cannot retreat in any way. O King! They will kill the enemies on the battlefield with the speed of the wind.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)