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mahabharat 5.167.28: बाह्लीक बड़ा वीर योद्धा है। वह युद्ध से कभी पीछे नहीं हटता। हे राजन्! मैं उसे युद्धभूमि में यमराज के समान वीर मानता हूँ। 28।   |   mahabharat अध्याय 5.167: कौरवपक्षके रथी, महारथी और अतिरथियोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 167: कौरवपक्षके रथी, महारथी और अतिरथियोंका वर्णन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  5.167.28 
बाह्लीकोऽतिरथश्चैव समरे चानिवर्तन:।
मम राजन् मतो युद्धे शूरो वैवस्वतोपम:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
बाह्लीक बड़ा वीर योद्धा है। वह युद्ध से कभी पीछे नहीं हटता। हे राजन्! मैं उसे युद्धभूमि में यमराज के समान वीर मानता हूँ। 28।
 
Bahlik is a very brave warrior. He never retreats from a battle. O King! I consider him to be as brave as Yamraj in the battlefield. 28.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)