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mahabharat 5.167.26: महाराज! हे राजाओं में श्रेष्ठ! मेरी दृष्टि में वह वास्तव में सारथी है और इस महायुद्ध में वह आपके लिए अपनी सेना सहित प्राणों की आहुति दे देगा॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 5.167: कौरवपक्षके रथी, महारथी और अतिरथियोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 167: कौरवपक्षके रथी, महारथी और अतिरथियोंका वर्णन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  5.167.26 
रथ एष महाराज मतो मे राजसत्तम।
त्वदर्थे त्यक्ष्यते प्राणान् सहसैन्यो महारणे॥ २६॥
 
 
अनुवाद
महाराज! हे राजाओं में श्रेष्ठ! मेरी दृष्टि में वह वास्तव में सारथी है और इस महायुद्ध में वह आपके लिए अपनी सेना सहित प्राणों की आहुति दे देगा॥ 26॥
 
Maharaja! O best of kings! In my opinion, he is indeed a charioteer and in this great war he will sacrifice his life along with his army for you.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)