Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.167.12: अश्वत्थामा के पिता द्रोणाचार्य बड़े तेजस्वी पुरुष हैं। वृद्ध होने पर भी वे युवकों से श्रेष्ठ हैं। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं कि वे इस युद्ध में अपना महान पराक्रम दिखाएंगे॥12॥ | mahabharat अध्याय 5.167: कौरवपक्षके रथी, महारथी और अतिरथियोंका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पिता त्वस्य महातेजा वृद्धोऽपि युवभिर्वर:।
रणे कर्म महत् कर्ता अत्र मे नास्ति संशय:॥ १२॥
अनुवाद
अश्वत्थामा के पिता द्रोणाचार्य बड़े तेजस्वी पुरुष हैं। वृद्ध होने पर भी वे युवकों से श्रेष्ठ हैं। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं कि वे इस युद्ध में अपना महान पराक्रम दिखाएंगे॥12॥
Ashwatthama's father Dronacharya is a very brilliant person. Even though he is old, he is better than the young men. I have no doubt that he will display his great valour in this war.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥