श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 166: कौरवपक्षके रथियोंका परिचय  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.166.1 
भीष्म उवाच
सुदक्षिणस्तु काम्बोजो रथ एकगुणो मत:।
तवार्थसिद्धिमाकाङ्क्षन् योत्स्यते समरे परै:॥ १॥
 
 
अनुवाद
भीष्म ने कहा - राजन ! कंबोजदेश के राजा सुदक्षिण सारथी माने गए हैं। आपके कार्य की सिद्धि की इच्छा से वे युद्ध में शत्रुओं के साथ युद्ध करेंगे ॥1॥
 
Bhishma said – King! King Sudakshin of Kambojdesh is considered a charioteer. Wanting to accomplish your task, they will fight with the enemies in the battle. 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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