Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.165.9: महाराज! जैसे बृहस्पति युद्ध के लिए यात्रा करने, युद्ध करने तथा विरोधियों द्वारा छोड़े गए अस्त्रों का प्रतिकार करने के विषय में जानते हैं, वैसे ही मैं भी समस्त आवश्यक बातों का विशेष ज्ञान रखता हूँ॥9॥ | mahabharat अध्याय 5.165: दुर्योधनके पूछनेपर भीष्मका कौरवपक्षके रथियों और अतिरथियोंका परिचय देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यात्रायाने च युद्धे च तथा प्रशमनेषु च।
भृशं वेद महाराज यथा वेद बृहस्पति:॥ ९॥
अनुवाद
महाराज! जैसे बृहस्पति युद्ध के लिए यात्रा करने, युद्ध करने तथा विरोधियों द्वारा छोड़े गए अस्त्रों का प्रतिकार करने के विषय में जानते हैं, वैसे ही मैं भी समस्त आवश्यक बातों का विशेष ज्ञान रखता हूँ॥9॥
‘Maharaj! Just as Brihaspati knows about travelling for a war, fighting a battle and countering the weapons fired by the opponents, I too have special knowledge of all the essential things.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥