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mahabharat 5.165.2: अर्जुन के पास एक प्रबल धनुष है, इसके अतिरिक्त भगवान श्रीकृष्ण भी उनके सहायक हैं; इसलिए मैं मानता हूँ कि मेरे पिता गंगानन्दन भीष्म युद्धभूमि में उन्हीं के द्वारा मारे गए॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 5.165: दुर्योधनके पूछनेपर भीष्मका कौरवपक्षके रथियों और अतिरथियोंका परिचय देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.165.2 
हतमेव हि पश्यामि गाङ्गेयं पितरं रणे।
वासुदेवसहायेन पार्थेन दृढधन्वना॥ २॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन के पास एक प्रबल धनुष है, इसके अतिरिक्त भगवान श्रीकृष्ण भी उनके सहायक हैं; इसलिए मैं मानता हूँ कि मेरे पिता गंगानन्दन भीष्म युद्धभूमि में उन्हीं के द्वारा मारे गए॥ 2॥
 
Arjun wields a strong bow. Besides this, Lord Krishna is his assistant; therefore I believe that my father Ganganandan Bhishma was killed by him on the battlefield.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)