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mahabharat 5.164.6-7: धृष्टकेतु को मुख्य रूप से शल्य के साथ, उत्तमौजा को कृपाचार्य के साथ, नकुल को अश्वत्थामा के साथ, शैब्य को कृतवर्मा के साथ, वृष्णि वंश के सात्यकि को सिंधुराज जयद्रथ के साथ और शिखंडी को भीष्म के साथ युद्ध करने का आदेश दिया गया था। 6-7॥   |   mahabharat अध्याय 5.164: पाण्डव-सेनाका युद्धके मैदानमें जाना और धृष्टद्युम्नके द्वारा योद्धाओंकी अपने-अपने योग्य विपक्षियोंके साथ युद्ध करनेके लिये नियुक्ति   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 164: पाण्डव-सेनाका युद्धके मैदानमें जाना और धृष्टद्युम्नके द्वारा योद्धाओंकी अपने-अपने योग्य विपक्षियोंके साथ युद्ध करनेके लिये नियुक्ति  »  श्लोक 6-7
 
 
श्लोक  5.164.6-7 
धृष्टकेतुं च शल्याय गौतमायोत्तमौजसम्।
अश्वत्थाम्ने च नकुलं शैब्यं च कृतवर्मणे॥ ६॥
सैन्धवाय च वार्ष्णेयं युयुधानं समादिशत्।
शिखण्डिनं च भीष्माय प्रमुखे समकल्पयत्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
धृष्टकेतु को मुख्य रूप से शल्य के साथ, उत्तमौजा को कृपाचार्य के साथ, नकुल को अश्वत्थामा के साथ, शैब्य को कृतवर्मा के साथ, वृष्णि वंश के सात्यकि को सिंधुराज जयद्रथ के साथ और शिखंडी को भीष्म के साथ युद्ध करने का आदेश दिया गया था। 6-7॥
 
Dhrishtaketu was ordered to fight mainly with Shalya, Uttamauja with Kripacharya, Nakula with Ashwatthama, Shaibya with Kritavarma, Satyaki of Vrishni dynasty with Sindhuraj Jayadratha and Shikhandi with Bhishma. 6-7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)