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mahabharat 5.164.2: उसमें पैदल सेना, हाथी, रथ और घोड़े भी थे। इस प्रकार वह चतुर्भुज सेना अत्यंत भयंकर और पृथ्वी के समान अचल थी॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 5.164: पाण्डव-सेनाका युद्धके मैदानमें जाना और धृष्टद्युम्नके द्वारा योद्धाओंकी अपने-अपने योग्य विपक्षियोंके साथ युद्ध करनेके लिये नियुक्ति   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 164: पाण्डव-सेनाका युद्धके मैदानमें जाना और धृष्टद्युम्नके द्वारा योद्धाओंकी अपने-अपने योग्य विपक्षियोंके साथ युद्ध करनेके लिये नियुक्ति  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.164.2 
पदातिनीं नागवतीं रथिनीमश्ववृन्दिनीम्।
चतुर्विधबलां भीमामकम्पां पृथिवीमिव॥ २॥
 
 
अनुवाद
उसमें पैदल सेना, हाथी, रथ और घोड़े भी थे। इस प्रकार वह चतुर्भुज सेना अत्यंत भयंकर और पृथ्वी के समान अचल थी॥ 2॥
 
It also included infantry, elephants, chariots and horses. Thus the four-fold army was very fearsome and as immovable as the earth.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)