Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.164.10-11h: इस प्रकार समस्त योद्धाओं को अलग-अलग तथा एक साथ बाँटकर सेनापतियों की ओर प्रज्वलित अग्नि के समान तेजस्वी महाधनुर्धर धृष्टद्युम्न ने द्रोणाचार्य को अपने-अपने दल में रखा ॥10॥ | mahabharat अध्याय 5.164: पाण्डव-सेनाका युद्धके मैदानमें जाना और धृष्टद्युम्नके द्वारा योद्धाओंकी अपने-अपने योग्य विपक्षियोंके साथ युद्ध करनेके लिये नियुक्ति । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं विभज्य योधांस्तान् पृथक् च सह चैव ह।
ज्वालावर्णो महेष्वासो द्रोणमंशमकल्पयत्॥ १०॥
धृष्टद्युम्नो महेष्वास: सेनापतिपतिस्तत:।
अनुवाद
इस प्रकार समस्त योद्धाओं को अलग-अलग तथा एक साथ बाँटकर सेनापतियों की ओर प्रज्वलित अग्नि के समान तेजस्वी महाधनुर्धर धृष्टद्युम्न ने द्रोणाचार्य को अपने-अपने दल में रखा ॥10॥
Thus, dividing all the warriors separately and together, the great archer Dhrishtadyumna, who was as bright as a blazing fire towards the commanders, kept Dronacharya in his own section. 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥