Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.163.6: आप पितामह को, जो सब राजाओं में सबसे वृद्ध हैं, जो सबके प्रति दयालु हैं, जिन्होंने अपनी इन्द्रियों को वश में कर लिया है और जो अपार ज्ञानी हैं, मृत्यु के युद्ध में लड़ने की दीक्षा दे रहे हैं और फिर अपनी वीरता का बखान कर रहे हैं। | mahabharat अध्याय 5.163: पाँचों पाण्डवों, विराट, द्रुपद, शिखण्डी और धृष्टद्युम्नका संदेश लेकर उलूकका लौटना और उलूककी बात सुनकर दुर्योधनका सेनाको युद्धके लिये तैयार होनेका आदेश देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आप पितामह को, जो सब राजाओं में सबसे वृद्ध हैं, जो सबके प्रति दयालु हैं, जिन्होंने अपनी इन्द्रियों को वश में कर लिया है और जो अपार ज्ञानी हैं, मृत्यु के युद्ध में लड़ने की दीक्षा दे रहे हैं और फिर अपनी वीरता का बखान कर रहे हैं।
You are giving the initiation of the grandfather, who is the oldest of all kings, who has a good mind for everyone, who has controlled his senses and is of immense knowledge, to fight in the war for death and then you are talking about your bravery.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥