श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 163: पाँचों पाण्डवों, विराट, द्रुपद, शिखण्डी और धृष्टद्युम्नका संदेश लेकर उलूकका लौटना और उलूककी बात सुनकर दुर्योधनका सेनाको युद्धके लिये तैयार होनेका आदेश देना  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  5.163.42 
शिखण्डी तु ततो वाक्यमुलूकमिदमब्रवीत्।
वक्तव्यो भवता राजा पापेष्वभिरत: सदा॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् शिखण्डी ने उलूक से इस प्रकार कहा - 'उलूक! अपने पाप में रत रहने वाले राजा के पास जाकर इस प्रकार कहो -॥ 42॥
 
Thereafter Shikhandi said to Ulooka thus - 'Ulooka! Go to your king who is always inclined towards sins and say thus -॥ 42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)