Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.163.32-33h: अरे दुष्ट! या तो तू मरकर गिद्ध के पेट में जा या हस्तिनापुर में जाकर छिप जा। मैंने दरबार में जो वचन दिया है, उसे मैं अवश्य पूरा करूँगा। मैं तुझसे सत्य की शपथ खाकर यह कह रहा हूँ॥ 32॥ | mahabharat अध्याय 5.163: पाँचों पाण्डवों, विराट, द्रुपद, शिखण्डी और धृष्टद्युम्नका संदेश लेकर उलूकका लौटना और उलूककी बात सुनकर दुर्योधनका सेनाको युद्धके लिये तैयार होनेका आदेश देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गृध्रोदरे वा वस्तव्यं पुरे वा नागसाह्वये।
प्रतिज्ञातं मया तच्च सभामध्ये नराधम॥ ३२॥
कर्ताहं तद् वच: सत्यं सत्येनैव शपामि ते।
अनुवाद
अरे दुष्ट! या तो तू मरकर गिद्ध के पेट में जा या हस्तिनापुर में जाकर छिप जा। मैंने दरबार में जो वचन दिया है, उसे मैं अवश्य पूरा करूँगा। मैं तुझसे सत्य की शपथ खाकर यह कह रहा हूँ॥ 32॥
‘You wretch! You should either die and live in the stomach of a vulture or go to Hastinapur and hide. I will definitely fulfill the promise I made in the court. I am telling you this by swearing on the truth.॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥