Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.163.30-31: तत्पश्चात् भीमसेन ने पुनः राजकुमार उलूक से कहा - 'उलूक! तुम यह बात उस दुष्टचित्त, पापी, दुष्ट, छली, पापी और दुष्ट दुर्योधन को बताओ - ॥30-31॥ | mahabharat अध्याय 5.163: पाँचों पाण्डवों, विराट, द्रुपद, शिखण्डी और धृष्टद्युम्नका संदेश लेकर उलूकका लौटना और उलूककी बात सुनकर दुर्योधनका सेनाको युद्धके लिये तैयार होनेका आदेश देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् भीमसेन ने पुनः राजकुमार उलूक से कहा - 'उलूक! तुम यह बात उस दुष्टचित्त, पापी, दुष्ट, छली, पापी और दुष्ट दुर्योधन को बताओ - ॥30-31॥
Thereafter Bhimasena again said this to Prince Uluka - 'Uluka! You must convey this to the evil-minded, sinful, wicked, deceitful, sinful and wicked Duryodhana -॥ 30-31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥