एतदर्थं मया तात पञ्च ग्रामा वृता: पुरा।
कथं तव सुदुर्बुद्धे न प्रेक्षे व्यसनं महत्॥ २७॥
अनुवाद
‘पिताजी! इसीलिए तो मैंने पहले पाँच गाँव ही माँगे थे। हे मूर्ख! मेरा उद्देश्य केवल इतना था कि मैं तुझ पर कोई बड़ी विपत्ति न देखूँ॥ 27॥
‘Father! That is why I had asked for only five villages earlier. Foolish one! My only purpose in doing so was that I should not see any great calamity befall you.॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥