Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.162.6: हे जुआरी शकुनिपुत्र उलूक! शीघ्र ही वापस जाकर दुर्योधन से कहो, 'पांडवों ने तुम्हारा संदेश सुन लिया है, उसका अर्थ समझ लिया है और उसे स्वीकार कर लिया है। युद्ध के विषय में तुम्हारी जो भी राय हो, वही हो।' | mahabharat अध्याय 5.162: पाण्डवपक्षकी ओरसे दुर्योधनको उसके संदेशका उत्तर । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे जुआरी शकुनिपुत्र उलूक! शीघ्र ही वापस जाकर दुर्योधन से कहो, 'पांडवों ने तुम्हारा संदेश सुन लिया है, उसका अर्थ समझ लिया है और उसे स्वीकार कर लिया है। युद्ध के विषय में तुम्हारी जो भी राय हो, वही हो।'
O Ulooka, son of the gambler Shakuni, go back quickly and tell Duryodhan, 'The Pandavas have heard your message and have understood its meaning and accepted it. Whatever your opinion is regarding the war, let it be so.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥