Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.162.58: हे मूर्ख! तू सोचता है कि कुन्तीपुत्रों ने श्रीकृष्ण को अपना सारथी बनने के लिए कहा है, इसलिए वे युद्ध नहीं करेंगे। शायद इसीलिए तू मुझसे नहीं डरता ॥58॥ | mahabharat अध्याय 5.162: पाण्डवपक्षकी ओरसे दुर्योधनको उसके संदेशका उत्तर । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मन्यसे यच्च मूढ त्वं न योत्स्यति जनार्दन:।
सारथ्येन वृत: पार्थैरिति त्वं न बिभेषि च॥ ५८॥
अनुवाद
हे मूर्ख! तू सोचता है कि कुन्तीपुत्रों ने श्रीकृष्ण को अपना सारथी बनने के लिए कहा है, इसलिए वे युद्ध नहीं करेंगे। शायद इसीलिए तू मुझसे नहीं डरता ॥58॥
‘Fool! You think that Kunti's sons have requested Sri Krishna to become their charioteer, hence they will not fight. Perhaps that is why you are not afraid of me. ॥ 58॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥