Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.162.47: उल्लू! कोई भी महान राजा शांत रहकर अवज्ञा सहन नहीं कर सकता। मैंने ध्यानपूर्वक तुम्हारी बात सुनी है। अब मैं तुम्हें उत्तर देता हूँ, उसे सुनो।॥47॥ | mahabharat अध्याय 5.162: पाण्डवपक्षकी ओरसे दुर्योधनको उसके संदेशका उत्तर । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आत्मानमवमन्वानो न हि स्यात् पार्थिवोत्तम:।
तत्रोत्तरं प्रवक्ष्यामि तव शुश्रूषणे रत:॥ ४७॥
अनुवाद
उल्लू! कोई भी महान राजा शांत रहकर अवज्ञा सहन नहीं कर सकता। मैंने ध्यानपूर्वक तुम्हारी बात सुनी है। अब मैं तुम्हें उत्तर देता हूँ, उसे सुनो।॥47॥
Owl! No great king can tolerate disobedience by remaining calm. I have listened to you attentively. Now I will give you the answer, listen to it.'॥ 47॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥