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mahabharat 5.162.45: अर्जुन के उपदेश से समस्त बड़े-बड़े राजा आश्चर्यचकित हो गए और वे सब उसकी बहुत-बहुत प्रशंसा करने लगे ॥45॥   |   mahabharat अध्याय 5.162: पाण्डवपक्षकी ओरसे दुर्योधनको उसके संदेशका उत्तर   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 162: पाण्डवपक्षकी ओरसे दुर्योधनको उसके संदेशका उत्तर  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  5.162.45 
ततस्ते पार्थिवा: सर्वे प्रशशंसुर्धनंजयम्।
तेन वाक्योपचारेण विस्मिता राजसत्तमा:॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन के उपदेश से समस्त बड़े-बड़े राजा आश्चर्यचकित हो गए और वे सब उसकी बहुत-बहुत प्रशंसा करने लगे ॥45॥
 
All the great kings were astonished at Arjun's style of preaching, and they all started praising him profusely. ॥ 45॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)