Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.162.38-39h: पुरुषोत्तम! आपको इस उल्लू से कुछ भी कठोर बात नहीं कहनी चाहिए। बेचारे दूतों का क्या दोष है? वे तो केवल कही गई बात का अनुवाद कर रहे हैं।॥38॥ | mahabharat अध्याय 5.162: पाण्डवपक्षकी ओरसे दुर्योधनको उसके संदेशका उत्तर । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उलूकश्च न ते वाच्य: परुषं पुरुषोत्तम॥ ३८॥
दूता: किमपराध्यन्ते यथोक्तस्यानुभाषिण:।
अनुवाद
पुरुषोत्तम! आपको इस उल्लू से कुछ भी कठोर बात नहीं कहनी चाहिए। बेचारे दूतों का क्या दोष है? वे तो केवल कही गई बात का अनुवाद कर रहे हैं।॥38॥
Purushottam! You should not say anything harsh to this owl. What is the fault of the poor messengers? They are merely translating what has been said.'॥ 38॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥