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mahabharat 5.162.20-21: हे मूर्ख उल्लू! अब मेरे द्वारा कहे गए दुःखद वचनों को सुन और सारथिपुत्र कर्ण तथा अपने दुष्ट पिता शकुनि के समक्ष समस्त राजाओं के समक्ष दुर्योधन से कह।   |   mahabharat अध्याय 5.162: पाण्डवपक्षकी ओरसे दुर्योधनको उसके संदेशका उत्तर   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 162: पाण्डवपक्षकी ओरसे दुर्योधनको उसके संदेशका उत्तर  »  श्लोक 20-21
 
 
श्लोक  5.162.20-21 
तन्मे कथयते मन्द शृणु वाक्यं दुरासदम्॥ २०॥
सर्वक्षत्रस्य मध्ये तं यद् वक्ष्यसि सुयोधनम्।
शृण्वत: सूतपुत्रस्य पितुश्च त्वं दुरात्मन:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
हे मूर्ख उल्लू! अब मेरे द्वारा कहे गए दुःखद वचनों को सुन और सारथिपुत्र कर्ण तथा अपने दुष्ट पिता शकुनि के समक्ष समस्त राजाओं के समक्ष दुर्योधन से कह।
 
You foolish owl! Now listen to the painful words that I have said and tell them to Duryodhan in front of the charioteer's son Karna and your evil-minded father Shakuni in the presence of all the kings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)