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mahabharat 5.162.19-20h: हे मूर्ख! दुर्योधन ने जो कुछ तुझसे कहा है, वह सब हमने सुन लिया है। ऐसा प्रतीत होता है कि हम विवश हैं और तू हमें प्रोत्साहित करने के लिए यह सब कह रहा है॥191/2॥   |   mahabharat अध्याय 5.162: पाण्डवपक्षकी ओरसे दुर्योधनको उसके संदेशका उत्तर   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 162: पाण्डवपक्षकी ओरसे दुर्योधनको उसके संदेशका उत्तर  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  5.162.19-20h 
अशक्तानामिवास्माकं प्रोत्साहननिमित्तकम्॥ १९॥
श्रुतं ते वचनं मूर्ख यत् त्वां दुर्योधनोऽब्रवीत्।
 
 
अनुवाद
हे मूर्ख! दुर्योधन ने जो कुछ तुझसे कहा है, वह सब हमने सुन लिया है। ऐसा प्रतीत होता है कि हम विवश हैं और तू हमें प्रोत्साहित करने के लिए यह सब कह रहा है॥191/2॥
 
‘O fool! Whatever Duryodhan has said to you, we have heard your words. It seems as if we are helpless and you are saying all this to encourage us.॥ 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)