Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.161.4-5: (संजय कहते हैं:) तब उल्लू ने वहाँ बैठे हुए महापुरुषों से, पाण्डवों से, सृंजयों से, मत्स्यों से, महाप्रतापी श्रीकृष्ण से तथा द्रुपद और विराट के पास बैठे हुए समस्त राजाओं से, अपने पुत्रों सहित, यह बात कही। ॥4-5॥ | mahabharat अध्याय 5.161: पाण्डवोंके शिविरमें पहुँचकर उलूकका भरी सभामें दुर्योधनका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो द्युतिमतां मध्ये पाण्डवानां महात्मनाम्।
सृञ्जयानां च मत्स्यानां कृष्णस्य च यशस्विन:॥ ४॥
द्रुपदस्य सपुत्रस्य विराटस्य च संनिधौ।
भूमिपानां च सर्वेषां मध्ये वाक्यं जगाद ह॥ ५॥
अनुवाद
(संजय कहते हैं:) तब उल्लू ने वहाँ बैठे हुए महापुरुषों से, पाण्डवों से, सृंजयों से, मत्स्यों से, महाप्रतापी श्रीकृष्ण से तथा द्रुपद और विराट के पास बैठे हुए समस्त राजाओं से, अपने पुत्रों सहित, यह बात कही। ॥4-5॥
(Sanjaya says:) Then the owl spoke this to the illustrious great souls sitting there, the Pandavas, the Srinjayas, the Matsyas, the illustrious Sri Krishna, and all the kings sitting near Drupada and Virata with their sons. ॥4-5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥