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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 161: पाण्डवोंके शिविरमें पहुँचकर उलूकका भरी सभामें दुर्योधनका संदेश सुनाना
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श्लोक 29
श्लोक
5.161.29
क्व तदा गाण्डिवं तेऽभूद् यत् त्वं दास पणैर्जित:।
क्व तदा भीमसेनस्य बलमासीच्च फाल्गुन॥ २९॥
अनुवाद
हे दास अर्जुन! जब तुम पासों के खेल में हार गए थे, तब तुम्हारा गाण्डीव धनुष कहाँ था? उस समय भीमसेन का बल कहाँ चला गया था?॥29॥
Slave Arjun! When you were defeated in the game of dice, where was your Gandiva bow? Where did Bhimasena's strength go at that time?॥ 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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