अभिज्ञो दूतवाक्यानां यथोक्तं ब्रुवतो मम।
दुर्योधनसमादेशं श्रुत्वा न क्रोद्धुमर्हसि॥ २॥
अनुवाद
राजन्! आप दूत के वचनों का अर्थ जानते हैं। मैं दुर्योधन द्वारा दिया गया संदेश शब्दशः दोहराऊँगा। उसे सुनकर आप मुझ पर क्रोधित न हों।'॥2॥
‘King! You know the meaning of the messenger's words. I will repeat the message given by Duryodhan verbatim. You should not get angry with me after hearing it.'॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥