श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  5.160.81 
अस्मान् वा त्वं पराजित्य प्रशाधि पृथिवीमिमाम्।
अथवा निर्जितोऽस्माभी रणे वीर शयिष्यसि॥ ८१॥
 
 
अनुवाद
हे वीर धनंजय! या ​​तो तुम हमें परास्त करके इस पृथ्वी पर राज्य करो, या फिर हमसे मारे जाकर युद्धभूमि में सदा के लिए सो जाओ॥ 81॥
 
Valiant Dhananjaya! Either you defeat us and rule this earth or be killed by us and sleep forever on the battlefield.॥ 81॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)