श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  5.160.75 
ते यूयं संहता भूत्वा तद्वधार्थं ममापि च।
आत्मार्थं पाण्डवार्थं च प्रयुद्‍ध्यध्वं मया सह॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
अतः तुम सब लोग एक होकर मुझे मारने का प्रयत्न करो। अपने तथा पाण्डवों के हित के लिए मुझसे युद्ध करो॥ 75॥
 
‘Therefore all of you should unite and try to kill me. Fight with me for your own and the Pandavas' benefit.'॥ 75॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)