श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  5.160.72 
ब्रूयास्त्वं सहदेवं च राजमध्ये वचो मम।
युद्‍ध्येदानीं रणे यत्त: क्लेशान् स्मर च पाण्डव॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
हे उलूक! तुम राजाओं में सहदेव से भी यह कहना कि - 'पाण्डुपुत्र! पहले किये गये कष्टों का स्मरण करो और युद्धभूमि में लड़ने के लिए तैयार हो जाओ।'
 
O Uluka! You should also tell this to Sahadeva among the kings - 'Son of Pandu! Remember the troubles inflicted earlier and be ready to fight in the battle-field.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)