श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना  »  श्लोक 69-70h
 
 
श्लोक  5.160.69-70h 
शयिष्यसे हतो भूमौ गदामालिङ्गॺ भारत॥ ६९॥
तद् वृथा च सभामध्ये वल्गितं ते वृकोदर।
 
 
अनुवाद
भरत! युद्धभूमि में मेरे द्वारा मारे जाने पर तुम छाती पर गदा रखकर सदा के लिए सो जाओगे। वृकोदर! सभा में तुमने जो उछल-कूद और नृत्य किया, वह सब व्यर्थ गया।॥69 1/2॥
 
‘Bharat! After being killed by me on the battlefield, you will sleep forever with the mace clasped to your chest. Vrikodara! All the jumping and dancing you did in the assembly was futile.'॥ 69 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)