Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.160.68-69h: "भारत! तुम तो बहुत ज़्यादा खाने वाले हो। इसलिए खूब खाने-पीने के लिए तुम्हें इनाम मिलना चाहिए। लेकिन युद्ध कहाँ है और भोजन कहाँ है? अगर तुममें ताकत है, तो लड़ो और मर्द बनो।" | mahabharat अध्याय 5.160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्वं हि भोज्ये पुरस्कार्यो भक्ष्ये पेये च भारत॥ ६८॥
क्व युद्धं क्व च भोक्तव्यं युध्यस्व पुरुषो भव।
अनुवाद
"भारत! तुम तो बहुत ज़्यादा खाने वाले हो। इसलिए खूब खाने-पीने के लिए तुम्हें इनाम मिलना चाहिए। लेकिन युद्ध कहाँ है और भोजन कहाँ है? अगर तुममें ताकत है, तो लड़ो और मर्द बनो।"
‘Bharat! You are a total food-eater. Hence you deserve to be rewarded for eating and drinking a lot. But where is war and where is food? If you have the strength, then fight and become a man. 68 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥