श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  5.160.60 
मद्‍‍द्वितीयेन पार्थेन वैरं व: सव्यसाचिना।
स सत्यसंगरो भूत्वा पाण्डवार्थे पराक्रमी॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
आपने यह भी कहा था कि 'कौरवों! मैं जिस सव्यसाची अर्जुन का सहायक हूँ, उसी से तुम्हारा वैर बढ़ रहा है, इसलिए अब सत्यनिष्ठ बनो और पाण्डवों के लिए वीर बनो॥60॥
 
‘You had also said that ‘Kauravas! Your enmity is increasing against the same Savyasachi Arjuna whose help I am, etc. So now be truthful and become valiant for the Pandavas.॥ 60॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)