ब्रूयास्त्वं वासुदेवं च पाण्डवानां समीपत:।
आत्मार्थं पाण्डवार्थं च यत्ता मां प्रति योधय॥ ५३॥
अनुवाद
हे उलूक! तुम पाण्डवों के निकट उपस्थित वसुदेव श्रीकृष्ण से भी कहो - 'जनार्दन! अब तुम अपने तथा पाण्डवों के कल्याण के लिए पूर्ण तत्परता और तैयारी के साथ मेरे साथ युद्ध करो॥ 53॥
O Uluka! You should also say to Vasudeva Sri Krishna who is present near the Pandavas - 'Janardan! Now you should fight with me with full readiness and preparation for your own and the Pandavas' welfare. ॥ 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥