पञ्च ग्रामा वृता यत्नान्नास्माभिरपवर्जिता:।
युध्यामहे कथं संख्ये कोपयेम च पाण्डवान्॥ ४७॥
अनुवाद
आपने तो केवल पांच गांव मांगे थे, परंतु हमने जान-बूझकर आपकी मांग को अस्वीकार कर दिया है, ताकि हम किसी तरह पांडवों को क्रोधित कर सकें और हमें युद्धभूमि में उनसे युद्ध करने का अवसर मिल सके।
You had asked for only five villages, but we have deliberately rejected your demand so that we can somehow anger the Pandavas so that we get an opportunity to fight with them on the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥