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mahabharat 5.160.45: हे भरतश्रेष्ठ! अपने पराक्रम से इस पृथ्वी का राज्य प्राप्त करके ब्राह्मणों को दान दो और पितरों को उनका उचित भाग दो।   |   mahabharat अध्याय 5.160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.160.45 
बाहुवीर्येण पृथिवीं लब्ध्वा भरतसत्तम।
देहि दानं द्विजातिभ्य: पितृभ्यश्च यथोचितम्॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! अपने पराक्रम से इस पृथ्वी का राज्य प्राप्त करके ब्राह्मणों को दान दो और पितरों को उनका उचित भाग दो।
 
O best of the Bharatas, having acquired the kingdom of this earth by your might, make alms to the Brahmins and give to the ancestors their due share.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)