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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना
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श्लोक 41
श्लोक
5.160.41
एतच्छ्रुत्वा वच: सर्वे मूषिका विप्रदुद्रुवु:।
बिडालोऽपि स दुष्टात्मा जगामैव यथागतम्॥ ४१॥
अनुवाद
कोलिक्की के ये वचन सुनकर सब चूहे भाग गए और दुष्ट बिल्ली भी जैसे आई थी वैसे ही मुँह बनाकर चली गई ॥41॥
On hearing these words of Kolikki, all the mice ran away and the evil cat too went away with its face as it had come. ॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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