श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.160.16 
मार्जार: किल दुष्टात्मा निश्चेष्ट: सर्वकर्मसु।
ऊर्ध्वबाहु: स्थितो राजन् गङ्गातीरे कदाचन॥ १६॥
 
 
अनुवाद
राजन्! प्रसिद्ध है कि एक समय एक दुष्ट बिल्ली गंगा नदी के किनारे दोनों हाथ ऊपर उठाए खड़ी रहती थी। वह कोई भी काम करने का प्रयास नहीं करती थी।
 
‘King! It is famous that once upon a time a wicked cat stood on the bank of river Ganga with both his arms raised. He did not make any effort to do any work.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)