Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.160.121: हमारी सेनारूपी महान् समुद्र में कृपाचार्य महान् मछली के समान हैं, विविंशति उसके भीतर रहने वाला महान् सर्प है, बृहद्बल उसके भीतर उठने वाले विशाल ज्वार के समान है, भूरिश्रवा तिमिंगिल नामक मछली के स्थान पर है ॥121॥ | mahabharat अध्याय 5.160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हमारी सेनारूपी महान् समुद्र में कृपाचार्य महान् मछली के समान हैं, विविंशति उसके भीतर रहने वाला महान् सर्प है, बृहद्बल उसके भीतर उठने वाले विशाल ज्वार के समान है, भूरिश्रवा तिमिंगिल नामक मछली के स्थान पर है ॥121॥
In the great ocean of our army, Kripacharya is like a great fish, Vivinshati is a great serpent living within it, Brihadbal is like a huge tide rising within it, Bhurishrava is in the place of a fish named Timingil. 121॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥