श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना  »  श्लोक 120
 
 
श्लोक  5.160.120 
संयुगं गच्छ भीष्मेण भिन्धि वा शिरसा गिरिम्।
तरस्व वा महागाधं बाहुभ्यां पुरुषोदधिम्॥ १२०॥
 
 
अनुवाद
या तो भीष्म से युद्ध करो, या अपने सिर से पर्वत तोड़ दो, या अपनी भुजाओं से सैनिकों के गहरे समुद्र को पार कर जाओ ॥120॥
 
‘Either fight with Bhishma, break a mountain with your head, or swim across the deep ocean of soldiers with your arms.॥ 120॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)