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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना
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श्लोक 117
श्लोक
5.160.117
न भयाद् वासुदेवस्य न चापि तव फाल्गुन।
राज्यं प्रतिप्रदास्यामि युद्धॺस्व सहकेशव:॥ ११७॥
अनुवाद
फाल्गुन ! मैं श्रीकृष्ण या तुम्हारे भय से राज्य नहीं लौटाऊँगा । तुम आकर श्रीकृष्ण से युद्ध करो ॥117॥
‘Phalgun! I will not return the kingdom due to fear of Shri Krishna or you. You come and fight with Shri Krishna. 117॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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