Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.160.102-103: जैसे देवता स्वर्ग की रक्षा करते हैं, वैसे ही पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और उत्तर दिशाओं के राजा तथा कम्बोज, शक, खश, शाल्व, मत्स्य, कुरु और मध्य प्रदेश के योद्धा तथा म्लेच्छ, पुलिंद, द्रविड़, आन्ध्र और कांची देश के योद्धा देवताओं की सेना के समान भयंकर और सुव्यवस्थित सेना की रक्षा करते हैं। क्या तुम संकीर्ण बुद्धि वाले मेंढक के समान कौरव राजा की उस (समुद्र के समान) सेना को अच्छी तरह समझ सकते हो?॥102-103॥ | mahabharat अध्याय 5.160: दुर्योधनका उलूकको दूत बनाकर पाण्डवोंके पास भेजना और उनसे कहनेके लिये संदेश देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे देवता स्वर्ग की रक्षा करते हैं, वैसे ही पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और उत्तर दिशाओं के राजा तथा कम्बोज, शक, खश, शाल्व, मत्स्य, कुरु और मध्य प्रदेश के योद्धा तथा म्लेच्छ, पुलिंद, द्रविड़, आन्ध्र और कांची देश के योद्धा देवताओं की सेना के समान भयंकर और सुव्यवस्थित सेना की रक्षा करते हैं। क्या तुम संकीर्ण बुद्धि वाले मेंढक के समान कौरव राजा की उस (समुद्र के समान) सेना को अच्छी तरह समझ सकते हो?॥102-103॥
Just as the gods protect the heaven, similarly the kings of the east, west, south and north directions and the soldiers of Kamboja, Shak, Khash, Shalva, Matsya, Kuru and Madhya Pradesh and the warriors of Mleccha, Pulinda, Dravid, Andhra and Kanchi country protect the army, which is as fierce and well organized as the army of the gods. Can you, like a frog in narrow mindedness, understand well that army of the Kaurava king (like the ocean)?॥102-103॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥