एवं स्तुतो हव्यवाट् स भगवान् कविरुत्तम:।
बृहस्पतिमथोवाच प्रीतिमान् वाक्यमुत्तमम्।
दर्शयिष्यामि ते शक्रं सत्यमेतद् ब्रवीमि ते॥ ९॥
अनुवाद
इस प्रकार स्तुति करने पर परम एवं सर्वज्ञ भगवान अग्निदेव प्रसन्न हुए और बृहस्पति से ये सुन्दर वचन बोले - 'ब्रह्मन्! मैं तुम्हें इन्द्र का दर्शन कराऊँगा, यह मैं तुमसे सत्य कहता हूँ॥9॥
On being praised in this way, the supreme and omniscient Lord Agnidev, who is the bearer of future, became pleased and spoke these beautiful words to Brihaspati - 'Brahman! I will make you see Indra, this I am telling you the truth. 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥